स्वदेश भारती –
भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल स्वरूप - स्वदेश भारती
हमारा उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत, सनातन ज्ञान और भारतीय संस्कृति को आधुनिक युग के पाठकों तक सरल और प्रामाणिक रूप में पहुँचाना है।
हमारा उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत, सनातन ज्ञान और भारतीय संस्कृति को आधुनिक युग के पाठकों तक सरल और प्रामाणिक रूप में पहुँचाना है।
प्रयागराज, जिसे तीर्थराज कहा जाता है, भारत के सभी तीर्थस्थलों का राजा माना जाता है।
यह भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की पवित्र भूमि है, जहाँ भक्ति और प्रेम का अनोखा संगम मिलता है।
यह भगवान विष्णु का पवित्र धाम है, जहाँ भक्त अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण होने की आशा से दर्शन करते हैं।
यह माँ शक्ति का पवित्र धाम है, जहाँ भक्त श्रद्धा और आस्था से माता के दर्शन करने आते हैं।
यह योग, ध्यान और अध्यात्म की राजधानी कहलाता है, जहाँ गंगा तट पर शांति और ईश्वरीय ऊर्जा का अनुभव होता है।
यह भगवान शिव का पवित्र गुफा मंदिर है, जहाँ प्राकृतिक रूप से बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन होते हैं।
यह सूर्य देव को समर्पित भव्य मंदिर है, जो अपनी अद्भुत वास्तुकला और रथ के आकार की संरचना के लिए प्रसिद्ध है।
यह पवित्र नगर भगवान ब्रह्मा के एकमात्र मंदिर और शांत, सुंदर पुष्कर झील के लिए प्रसिद्ध है।
स्वदेश भारती’ सनातन धर्म की शिक्षाओं और भारतीय संस्कृति से प्रेरित एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है। हमारा उद्देश्य है राष्ट्र और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा परंपरा, संस्कार और अध्यात्म को जीवंत रखना।
हम मानते हैं कि “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण” संभव है। इसी विचार के साथ ‘स्वदेश भारती’ एक सशक्त, जागरूक और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए कार्यरत है।
हमारा सनातन इतिहास बताता है कि यह सबसे पुरानी धार्मिक परंपरा है जो जीवन के शाश्वत सत्य, धर्म, कर्म और मोक्ष पर केंद्रित है. इसके मूल में वैदिक परंपरा है और यह वेदों, उपनिषदों, महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों में पाया जाता है. यह एक सहिष्णु और लचीला दर्शन है जो व्यक्तिगत आध्यात्मिक विकास के लिए भक्ति, ज्ञान और कर्म योग जैसे विभिन्न रास्ते प्रदान करता है|
सनातन इतिहास के मुख्य बिंदु:
सनातन का अर्थ: यह ‘हमेशा रहने वाला’ या ‘शाश्वत’ है, जिसका अर्थ है कि इसकी कोई शुरुआत या अंत नहीं है.
प्राचीन जड़ें:
सनातन धर्म दुनिया की सबसे पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है, जिसकी जड़ें 5,000 साल से भी पहले की हैं और यह सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी हुई है…
भारतीय साहित्य प्राचीन ग्रंथों, महाकाव्यों और पौराणिक कथाओं से भरपूर है, जो संस्कृति और धर्म की गहन समझ प्रदान करता है। इसमें रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथ शामिल हैं, जो जीवन के मूल्यों और नैतिक शिक्षा का प्रतीक हैं।
भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों की कहानी।
कौरव और पांडवों के बीच महायुद्ध और धर्म की शिक्षा।
जीवन, कर्तव्य और धर्म का मार्गदर्शन।
देवी-देवताओं, लोककथाओं और धार्मिक शिक्षाओं का संग्रह।
स्वदेश भारती में, हम ऐसे प्रकाशनों पर गर्व करते हैं जो प्रेरणा, शिक्षा और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों को जागृत करते हैं। हमारा संग्रह भारत की समृद्ध परंपराओं, अमर शिक्षाओं और भक्ति की भावना को दर्शाता है।
धर्म, त्याग और मर्यादा को उजागर करने वाली कहानियों से लेकर, ईश्वर से जुड़ने वाली आध्यात्मिक यात्राओं तक — प्रत्येक पुस्तक समाज में ज्ञान और सकारात्मकता फैलाने का एक प्रयास है।
धर्म, सत्य, करुणा, त्याग, सेवा, मर्यादा, न्याय, प्रेम, भक्ति, शौर्य, आदर्श, एकता — यही है रामोदय
साईं बाबा के आशीर्वाद और शिक्षाओं से जुड़ने का एक पवित्र प्रयास।
साईं बाबा के आशीर्वाद और शिक्षाओं से जुड़ने का एक पवित्र प्रयास।
1. कैरियर 2. विवाह 3. गर्भावस्था 4. पूजा पाठ 5. त्योहार 6. नाम विश्लेषण 7. मांगलिक दोष 8. कुंडली दोष